महराजगंज :- भिटौली और महराजगंज के बीच का मुख्य मार्ग हाल के दिनों में दोपहिया और चौपहिया चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के कारण अक्सर राहगीरों और बाइक सवारों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है या सड़क किनारे कूदना पड़ता है। कई बार यह बचाव खुद गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, विशेषकर रात के समय सड़क किनारे झुंड में घूमते आवारा कुत्ते अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं। कुछ दिनों पहले भिटौली के पास एक बाइक सवार युवक को कुत्ते से बचने के चक्कर में गाड़ी फिसल गई और उसे गंभीर चोटें आईं। इसी तरह महराजगंज के करीब एक दंपति को भी घायल होना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि आवारा कुत्तों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्ग पैदल चलने वालों के लिए भी यह एक बड़ी समस्या बन गई है। कई वाहन चालक अब इस रास्ते से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।
भिटौली निवासी राजेश कुमार ने कहा, “रात को लौटते समय कुत्तों का झुंड बाइक के पीछे दौड़ पड़ता है, कई बार गिरते-गिरते बचा हूं।”
एक अन्य राहगीर ने बताया, “कुत्तों के झुंड से बचने के चक्कर में कई हादसे हो चुके हैं, प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और नगर निकाय से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए। साथ ही, सड़क किनारे उचित रोशनी और चेतावनी बोर्ड लगाने की भी जरूरत बताई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो बड़े हादसे होने की आशंका बनी हुई है।
भीटौली-महराजगंज मार्ग पर बढ़ते सड़क हादसे अब जन-जीवन के लिए खतरा बन गए हैं। प्रशासनिक पहल और स्थानीय निकाय की सक्रियता ही इस समस्या का स्थायी समाधान कर सकती है।
प्रभारी महराजगंज
कैलाश सिंह
