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गयाजी GRP के थानाध्यक्ष एवं चार पुलिस कर्मी निकले सोना छिनतई के मास्टर माइंड, गये जेल।


संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।





ATH NEWS 11 GROUP:-दिनांक-21/11/2025 को गाड़ी संख्या-22307 हावड़ा-जोधपुर (बीकानेर) सुपरफास्ट एक्सप्रेस में घटित घटना में संलिप्त चार राजकीय रेल पुलिस को निलंबित किया गया।


वादी पु०नि०-सह- रेल थानाध्यक्ष, गया पु०नि० राजेश कुमार सिंह के आवेदन के आधार पर दिनांक-29/11/2025 को रेल थाना गया कांड सं0- 334/25 दिनांके-29/11/2025 धारा 309 (4) बी०एन०एस० के अन्तर्गत कुरियर कर्मी धनन्जय शाश्वत एवं राजकीय रेल पुलिस (GRP) के चार अज्ञात पुलिसकर्मी के विरूद्ध दर्ज है। जिसमें दिनांक 21/11/2025 के रात्रि में गाड़ी संख्या-22307 हावड़ा-जोधपुर (बीकानेर) सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन से व्यवसायी मनोज सोनी के कुरियर कर्मी धनन्जय शाश्वत से राजकीय रेल पुलिस (GRP) के चार अज्ञात पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट कर कोडरमा-गया के बीच रास्ते में ट्रेन से उतार कर सोना छिन लेने का आरोप है। यह मामला कथित अपराधिक कदाचार, जबरन वसूली और सोने के कंसाइनमेंट के गबन से संबंधित है। कांड के अनुसंधान अन्तर्गत वरीय रेल पुलिस उपाधीक्षक, गया द्वारा एक विस्तृत जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसमें संदिग्ध पुलिसकर्मी का CDR/ टावर लोकेशन एवं अन्य तकनीकी सहयोग के द्वारा यह तथ्य सामने आया कि 01 राजेश कुमार सिंह, पु०नि०-सह-रेल थानाध्यक्ष, गया (कांड के वादी), 02. सि0/434 करण कुमार, 03. सि0/75 अभिषेक चतुर्वेदी, 04. सि०/37 रंजय कुमार एवं 05. सि0/634 आनन्द मोहन, 06. परवेज आलम, 07. रेल थाना का पूर्व चालक सीताराम की संलिप्ता पाई गई है तथा कांड संख्या-334/25 दिनांक-29/11/2025 को पर्यवेक्षण में परिवर्तित धारा 309/308/351/61/281/197/107/3 (5) बी०एन०एस० एवं 7/13(2) Prevention of करप्शन एक्ट 1988 संशोधित अधिनियम 2018 के अन्तर्गत सत्य पाया गया है।

पुलिस अधीक्षक, रेल पटना के द्वारा कांड में संलिप्त रेल जिला पटना अन्तर्गत रेल थाना गया में पदस्थापित 01. सि0/434 करण कुमार, 02. सि0/75 अभिषेक चतुर्वेदी, 03. सि०/37 रंजय कुमार एवं 04. सि0/634 आनन्द मोहन को तत्काल प्रभाव दिनांक-30/12/2025 से निलंबित किया गया है तथा पु०नि० राजेश कुमार सिंह, पु०नि०-सह-रेल थानाध्यक्ष, रेल थाना गया के निलंबन हेतु प्रस्ताव वरीय पदाधिकारी को भेजी गई है। अनुसंधान हेतु SIT टीम का गठन किया गया है। अग्रतर अनुसंधान जारी है।

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