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मकरसंक्रांति के मेले में पहुंचीं लाखों की भीड़ लोगों की होती है मनोकामनाएं पूर्ण आखिर कहां? आइए जानते हैं खबर विस्तार से।

 गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।





एटीएच न्यूज़ 11:- एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतबहिनी झरना तीर्थ में मकर संक्रांति के तीन दिनों तक लगने वाला मेला बुधवार को शुरू हो गया।पहले दिन प्रदेश सहित देश के विभिन्न भागों से लाखों लोग सतबहिनी झरना तीर्थ पहुंचे। मकर संक्रांति का यह मेला यहां साल में लगने वाले पांच मेलों में से चौथा मेला है। आज की इस मेले में स्थानीय के साथ-साथ सुदूर राज्यों तक के लाखों की संख्या में पर्यटक यहां  आए। सतबहिनी झरना  स्थल पर आज किसी भी जगह पर तिल रखने की जगह खाली नही बची थी। सभी रास्तों में घण्टों वाहनों का जाम रही।लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाम तक लोगों का आना जाना लगा रहा।सुरक्षा को लेकर थाना प्रभारी असफाक आलम अपने दल बल के साथ मुस्तैद रहे।भीड़ को संभालने में पुलिस को काफी मेहनत करना पड़ा।दो पहिया सहित चार पहिया गाड़ियों की काफी भीड़ रही जो घण्टों जाम में फंसी रही। सभी मंदिरों में पूजा अर्चना करने वालों की भी काफी भीड़ रही।उधर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने वालों की भी भीड़ रही। कई जिलों के अलावे कई राज्यों के बड़े-बड़े व्यापारी सतबहिनी झरना तीर्थ स्थित झरना घाटी के पश्चिम मेला मैदान में दुकान लगाकर विक्री किए। वर्तमान में मिठाई, श्रृंगार, होटल आदि की बड़ी-बड़ी दुकानें सजाई  गयी थी। मेले में खरीददारी करने वालो की काफी भीड़ रही।जबकि बच्चों व बड़ों का सबसे बड़ा आकर्षण टावर झूला सहित नाव झूला भी लगाया गया था जिसका आनंद बहुत लोगों ने लिया।  इस मेला में स्थानीय 100 गांवों के साथ कई शहरो व झारखंड के कई जिलों एवं देश के कई राज्यों के लोग भाग लेते हैं।  सतबहिनी झरना तीर्थ में लगने वाले पांच मेलों में से वर्ष का चौथा मेला सूर्य के उत्तरायण होने की खुशी में 14 जनवरी से शुरू होकर 16 जनवरी 2026 तक चलेगा। सतबहिनी झरना को शून्य से शिखर तक पहुंचाकर इसे सतबहिनी झरना तीर्थ बनाने वाली संस्था मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के सैकड़ो सदस्य मेले की व्यवस्था संभालते देखे गए।  आज के इस मेले में प्रसाद, फूल, फोटो, श्रृंगार, मिठाई, चाट नमकीन, होटल, वस्त्र, कास्ट निर्मित सामग्री, लौह निर्मित सामग्री, स्टूडियो, पान सहित सैकड़ो तरह के दुकान सजाए गए थे। जिन पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पर्यटकों को खरीदारी करते देखा  गया। इधर सूर्य के उत्तरायण होने को हिंदू धर्म में बहुत बड़े त्यौहार की मान्यता दी गई है। श्रद्धालुओं ने सतबहिनी पहुंचकर मनोरम झरना में स्नान करते हुए यहां के नौ मंदिरों की श्रृंखला में पूजा करते एवं दान दक्षिणा करते देखे गए। इन मंदिरों में सतबहिनी भगवती माता महादुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी, 7 बहनों के भइया भैरवनाथ, भगवान भास्कर, बजरंग बली, साक्षी गणेश, भगवान शिव एवं नंदी महाराज के मंदिरों का नाम शामिल है जहां लोग पूजा अर्चना किए। इसके साथ ही रहस्यमयी सात मंजिली साधना सह समाधि गुफा में भी सभी लोग दर्शन एवं पूजन करने पहुंचे। यद्यपि मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी की सुबह में है। इस दिन भी काफी भीड़ होने की उम्मीद है।  मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के अध्यक्ष एवं विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह भी सतबहिनी झरना पहुंचकर सुरक्षा व व्यवस्था की जानकारी प्राप्त किए। विधायक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी असफाक आलम को कई निर्देश दिए।  समाचार लिखे जाने तक कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नही है।


मौके पर समिति के सचिव मुरलीधर मिश्र,सुदर्शन तिवारी,विभूति नारायण द्विवेदी,ध्रुव कुमार पांडेय,असर्फी सिंह,प्रमोद कुमार सिंह,रमेश तिवारी, निरंजन सिंह,अतीस सिंह,गोरख सिंह,लाला पाण्डेय,संत हरिदास, शिव प्रसाद गुप्ता सहित समिति के कई लोग उपस्थित थे।

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