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आखिरकार संघर्ष लाया रंग, झारखंड हाई कोर्ट में अस्टिटेंट सेक्शन ऑफिसर पद पर हुई चयनित।

  गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।




एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत राणाडीह पंचायत क्षेत्र के भंडरिया निवासी सेवानिवृत्त पंचायत सचिव कामेश्वर सिंह की नातिन सह संजय कुमार सिंह के पुत्री एवं खबर मंत्र के पत्रकार अनुप कुमार सिंह के 27 वर्षीय भतीजी स्वर्णिम सिंह ने हाई कोर्ट झारखंड में अस्सिटेंट सेक्शन ऑफिसर में चयनित हुई। गुरुवार को स्वर्णिम सिंह उर्फ छोटी की अस्सिटेंट सेक्शन ऑफीसर में चयनित होने की खबर से उनके परिवार और नाते-रिश्तेदारों में खुशी है।

 इस संबंध में पत्रकार अनुप सिंह ने बताया कि स्वर्णिम सिंह की कहानी संघर्ष और मेहनत की है। उन्होंने रांची में रहकर उच्च शिक्षा के साथ-साथ सभी शिक्षा प्राप्त की, लेकिन उनकी जिजीविषा और संघर्ष ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए संघर्ष किया और आखिरकार झारखंड हाई कोर्ट में अस्सिटेंट सेक्शन ऑफीसर के पद पर चयनित हुईं।इस तरह से गांव और प्रखंड क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है।

 वहीं स्वर्णिम सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और घर के सदस्यों को दिया है। उन्होंने कहा है कि उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया और उनके सपनों को पूरा करने में मदद की।


*माता-पिता का सहयोग:*

उनके पिता संजय कुमार सिंह एवं माता निलम देवी ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वर्णिम सिंह को उनके लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान किए।उनके माता-पिता ने उन्हें आत्मविश्वास और जिजीविषा दी। साथ ही उनके घर के सदस्यों ने उन्हें हमेशा समर्थन दिया और प्रोत्साहित किया।उन्होंने स्वर्णिम सिंह को उनके अध्ययन में मदद की और उनके लिए एक अनुकूल वातावरण बनाया। उनके घर के सदस्यों ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई है। पिता संजय कुमार सिंह ने कहा की शिक्षा के प्रति में पहले से ही प्रेरित हूं,और स्वर्णिम सहित घर एवं क्षेत्र के अन्य बच्चों को शिक्षा को लेकर में तत्पर रहता हूं। उन्होंने कहा कि किसी बच्चों का शिक्षा व्यर्थ नहीं जाता है और अच्छे रास्ते को चुनते हुए उच्च शिक्षा ग्रहण करना यह सभी बच्चों का कर्तव्य बनता है। एक कामयाबी जरूर मिलता है। स्वर्णिम सिंह उर्फ छोटी ने जो मुकाम हासिल की, जिससे कई अधूरा सपना आज पुरा हो चुका है। इसमें स्वर्णिम के घर के सदस्यों का अहम योगदान है। वहीं इस कामयाबी पर बाबा कामेश्वर सिंह, रामेश्वर सिंह, रामजस सिंह, प्रवेश सिंह, संतोष सिंह, चाचा अरुण सिंह, अजीत सिंह,अनूप सिंह, मुकेश, अमित, दादी रुक्मणी कुंवर, धनराज देवी, मंजू देवी, चाची अनीता देवी, रूबी देवी, राजकुमारी देवी सहित अन्य कई रिश्तेदारों एवं घर के अन्य सदस्यों ने आशीर्वाद दिया , और खुशी जाहिर किया है।

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