गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- वक्त बदल रहा है और बदल रही है समाज की सोच। जब इरादे नेक हों और साथ में कानून की शक्ति हो, तो बदलाव की लहर को कोई नहीं रोक सकता। कुछ ऐसा ही मंजर कांडी प्रखंड के क्षेत्र अंतर्गत सरकोनी पंचायत के सरकोनी गाँव में देखने को मिला। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित एक विशेष जागरूकता शिविर ने ग्रामीणों के भीतर सुनहरे भविष्य की नई अलख जगाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गढ़वा के अध्यक्ष एवं सचिव के दिशा-निर्देशों पर आयोजित इस कार्यक्रम में पीएलवी (PLV) की टीम ने अपनी ऊर्जा से ग्रामीणों का दिल जीत लिया।
महिलाओं ने बुलंद की अपनी आवाज, नशे के खिलाफ छेड़ा अभियान
इस शिविर की सबसे खास बात रही महिलाओं की भागीदारी। घर की दहलीज से निकलकर बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस मुहिम में हिस्सा लिया। पीएलवी राम नरेश मेहता, परशुराम, नवनीत दुबे और कृष्णा यादव ने बड़े ही आत्मीय ढंग से ग्रामीणों को समझाया कि नशा सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि हँसते-खेलते परिवार और पूरे समाज को दीमक की तरह चाट जाता है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि नशा विकास की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है।
सिर्फ नशा ही नहीं, कानूनी अधिकारों की भी मिली जानकारी
यह शिविर सिर्फ नशे तक सीमित नहीं रहा। "कानून की जानकारी, सुरक्षा की गारंटी" के मंत्र के साथ ग्रामीणों को कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से बताया गया:
बाल विवाह: समाज के इस अभिशाप को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया गया।
अनाथ बच्चों का सहारा: लावारिस या अनाथ बच्चों के पालन-पोषण और उनके सरकारी अधिकारों पर चर्चा हुई।
सुलह-समझौता: छोटी-मोटी आपसी रंजिशों को 'मध्यस्थता' के जरिए घर में ही सुलझाने के गुर सिखाए गए, ताकि कोर्ट-कचहरी के चक्करों से बचा जा सके।
एक नई सुबह का संकल्प
शिविर के अंत में ग्रामीणों ने एक सुर में नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। महिलाओं के जोश और पीएलवी टीम के मार्गदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि एक दिन न एक दिन बनेंगी सुरक्षित समाज।
