संजय कुमार चौरसिया ब्यूरो रिपोर्ट बस्ती ।
कलवारी (बस्ती)। मुंडेरवा चीनी मिल के अंतर्गत संचालित गन्ना क्रय केंद्र पाऊं पर इंडेंट वितरण में कथित भेदभाव, गन्ना ट्रकों की कमी और गन्ना पर्चियों की अल्प उपलब्धता को लेकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने केंद्र पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और गन्ना विकास अधिकारी (सीडीओ) के मौके पर पहुंचने तक धरने पर डटे रहे।
किसानों का आरोप है कि पाऊं क्रय केंद्र के साथ लगातार उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। गन्ना किसान अमरेन्द्र पाण्डेय, दीपचंद यादव, हरिओम त्रिपाठी, राम मणि ओझा, मोहम्मद सुलेमान उर्फ खजूर सिंह, अबरार अहमद, लालचन्द चौधरी, शाह आलम, राम सुभाग मौर्य, राजेश मौर्य, रामू कन्नौजिया, शिवा कन्नौजिया एवं राम शोहरत गुप्ता ने बताया कि बोआई गन्ने की पर्ची अभी तक कई किसानों को नहीं मिल सकी है, जिससे उनकी उपज खेतों और केंद्र पर ही पड़ी सूख रही है।
किसानों का कहना है कि आसपास के अन्य गन्ना केंद्रों की तुलना में पाऊं केंद्र को कम पर्चियां और कम ट्रक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। परिणामस्वरूप, तैयार गन्ना समय पर मिल तक नहीं पहुंच पा रहा है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिम्मेदार लोगों से शिकायत करने पर संतोषजनक जवाब देने के बजाय बदसलूकी की जाती है, जिससे किसानों में असंतोष और बढ़ गया है।
वहीं इस पूरे प्रकरण पर मुंडेरवा चीनी मिल के गन्ना विकास अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि इंडेंट के अनुसार ही ट्रक और पर्चियों की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिल 25 मार्च तक संचालित रहेगी और किसी भी किसान का गन्ना बिना कॉल किए नहीं छोड़ा जाएगा।
फिलहाल किसानों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर पाऊं केंद्र को पर्याप्त पर्ची एवं ट्रक उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उनकी मेहनत की फसल समय पर मिल तक पहुंच सके और उन्हें आर्थिक क्षति से बचाया जा सके। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
