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सरकारी चापाकल पर दबंगो का कब्जा, ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरसे- जिम्मेदार मौन।

 गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।





एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखण्ड क्षेत्र की खुटहेरिया पंचायत अंतर्गत कुशहा गांव के रकसही टोला में एक सरकारी चापाकल के निजीकरण का मामला प्रकाश में आया है। वर्षों पूर्व ग्रामीणों की सुविधा के लिए लगाए गए इस चापाकल पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा कर लेने से दर्जनों परिवारों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सोमवार को चापाकल पर एकत्रित होकर रोष पूर्ण प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि लमारी कला निवासी मुरलीधर सिंह ने अपने नवनिर्मित पक्का आवास के समीप स्थित सरकारी चापाकल को बंद कर दिया है। आरोप के अनुसार, उन्होंने चापाकल में अवैध रूप से समर्सिबल पंप डालकर उसे निजी सिंचाई और घरेलू कार्यों के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया है।

इतना ही नहीं, चापाकल के चारों ओर मिट्टी भर दी गई है, जिससे वह अब मात्र डेढ़ फीट ही दिखाई दे रहा है। पाइप काटकर सड़क किनारे रेलिंग खड़ी कर दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें धमकी दी गई कि इस चापाकल से किसी को पानी नहीं लेने दिया जाएगा। वहीं प्रशासनिक उदासीनता से आक्रोशीत ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर बीते 18 नवंबर को प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुखिया अनिता देवी ने एक बार मिट्टी हटवाकर सफाई कराई थी, लेकिन आरोपी ने पुनः वहां मिट्टी भर दी।

इस चापाकल से लगभग एक दर्जन परिवार लाभान्वित होते थे। अब स्थिति यह है कि ग्रामीणों को नहाने और पीने का पानी लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। प्रदर्शन के दौरान प्रसाद यादव, बुधन यादव, भोला रजवार, करमु यादव, संतोष यादव, शम्भू यादव, नथन यादव, श्रद्धा देवी और कलावती कुंवर सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि सरकारी संपत्ति को निजी कब्जे से मुक्त कराया जाए और ग्रामीणों के लिए पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए।

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