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ATH NEWS 11:- बस्ती में मौनी अमावस्या पर सरयू तट पर उमड़ा जनसैलाबः हजारों श्रद्धालुओं ने मोक्ष के लिए लगाई आस्था की डुबकी।

 



थाना लालगंज से रामजीत चौधरी की रिपोर्ट


ATH NEWS 11 GROUP -:लालगंज बस्ती जिले के लालगंज थाना छेत्र के विकास खण्ड कुदरहा ब्लॉक के अंतर्गत माघ मास की पवित्र मौनी अमावस्या के अवसर पर रविवार भोर से ही कुदरहा विकास क्षेत्र के पावन सरयू तट स्थित नौरहनी (नौरंगी घाट घाट) पर हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मोक्ष की कामना लिए हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र नदी में आस्था की डुबकी लगाई।


तड़के से ही सैकड़ों गाँवों से श्रद्धालुओं का रेला निकल पड़ा, जिससे कुदरहा-नौरहनी मार्ग पूरी तरह जाम हो गया। आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करने के बावजूद, श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही।


नदी में स्नान के पश्चात, श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और 'गौदान' कर पुण्य कमाया। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन दान, जप और तप का विशेष महत्व बताया गया है।


श्री योगीराज प्रयाग दास सिद्ध पीठ रामजानकी मंदिर के पुजारी ने मौनी अमावस्या के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि माघ मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब तीर्थराज प्रयागराज के संगम में देव, ऋषि, किन्नर और अन्य देवतागण वास करते हैं और स्नान करते हैं।

पुराणों के अनुसार, इस दिन सभी पवित्र नदियों, विशेषकर गंगा जी का जल अमृत के समान हो जाता है। इसमें स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। इस तिथि को मौन रहकर साधना करने से व्यक्ति के पूर्वजन्म के पाप कट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर भगवान विष्णु और पीपल के वृक्ष की विधिपूर्वक पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है। यदि पूर्ण मौन रखना संभव न हो, तो व्यक्ति को अपने विचारों को शुद्ध रखना चाहिए और मन में किसी भी प्रकार की कुटिलता या द्वेष का भाव नहीं आने देना चाहिए।


श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन किया गया संयम और प्रभु स्मरण जीवन में सुख, शांति और स्वर्ग का मार्ग प्रशस्त करता है।

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