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बीमार पिता के इलाज और घर की तंगहाली दूर करने गया था गुजरात, शव पहुंचते ही बेलहत गांव में पसरा सन्नाटा.

 गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।




एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र के बेलहथ गांव में उस वक्त मातम पसर गया, जब अहमदाबाद में मजदूरी करने गए  22 वर्षीय युवक विद्यानंद कुमार उर्फ मुन्नू का शव उसके पैतृक आवास पहुंचा। मृतक के घर पहुंचते ही परिजनों के चीत्कार से पूरा गांव गमगीन हो गया। मुन्नू अपने परिवार का इकलौता सहारा था, जिसकी असमय मृत्यु ने एक हंसते-खेलते परिवार के भविष्य पर अंधेरा छा गया ।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, गणेश राम का पुत्र विद्यानंद कुमार (22 वर्ष) गुजरात के अहमदाबाद स्थित 'प्रशांत लॉजिस्टिक कंपनी' में सिग्नल मैन के पद पर कार्यरत था। मंगलवार को ड्यूटी के दौरान प्लांट से गिरने के कारण उसकी दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार को जैसे ही उसका शव बेलहत गांव पहुंचा, सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। मृतक ने साही देव उच्च विद्यालय, खरौंधा से मैट्रिक की परीक्षा पास की थी और वर्तमान में खरौंधा +2 विद्यालय में नामांकन लेकर पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारी भी उठा रहा था।


बीमार पिता का सहारा था मुन्नू:--

मृतक के घर की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। उसके पिता गणेश राम पिछले छह वर्षों से टीबी और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। पिता के इलाज के खर्च और घर के भरण-पोषण की जिम्मेदारी मुन्नू के कंधों पर थी। इसी मजबूरी के कारण वह पढ़ाई छोड़कर गुजरात कमाने गया था। उसकी मां चंचला देवी घर पर ही छोटा-मोटा काम कर परिवार चलाने में सहयोग करती हैं। छोटा भाई रितेश कुमार अभी खरौंधा स्कूल में ही पढ़ाई कर रहा है। 


अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब: युवा समाजसेवी मुकेश कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार से मांग करते हैं कि यहां के युवा के रोजगार दे ताकि लोगो को पलायन नहीं करना पड़े वहीं शव पहुंचने की सूचना मिलते ही पतीला पंचायत के मुखिया सह मुखिया संघ अध्यक्ष अमित दुबे के प्रतिनिधि कुंदन कुमार साव, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि बिट्टू कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। इसके पश्चात, सुंडीपुर स्थित त्रिवेणी घाट पर नम आंखों से मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

मुआवजे की मांग:--

ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन एवं कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि मृतक के परिवार की जर्जर स्थिति को देखते हुए उन्हें उचित मुआवजा और सरकारी सहायता प्रदान की जाए। घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य खोने के बाद अब इस परिवार के सामने जीवन-यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

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