संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।
ATH NEWS 11 GROUP:-आज दिनांक 7/2/2026को जे पी एन हॉस्पिटल गयाजी डॉ राजाराम प्रसाद सिविल सर्जन प्रेस वार्तालाप कर में फाइलेरिया मुक्त गया जिला बनाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता, 10 फरवरी से चलेगा विशेष अभियान.गयाजी जिले को फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। आगामी 10 फरवरी 2026 से जिले के सभी 22 प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों में 'सर्वजन दवा सेवन अभियान' (MDA) शुरू किया जा रहा है। इसी कड़ी में 11 फरवरी को जिले भर में मेगा एम.डी.ए कैंप लगाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी।शनिवार को जेपीएन अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित मीडिया कार्यशाला में सिविल सर्जन डॉo राजाराम प्रसाद ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर लक्षित लाभार्थी तक दवा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के सामने ही खाना अनिवार्य है।
अभियान की मुख्य बातें
लक्ष्य जिले के लगभग 44 लाख 39 हजार लाभार्थियों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
दवा का प्रकार: इस बार तीन तरह की दवाएं डीईसी, अल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन खिलाई जाएंगी। डोर-टू-डोर कवरेज: मेगा कैंप के बाद अगले 14 दिनों तक स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर छूटे हुए लोगों को दवा पिलाएंगे।
इनके लिए दवा मना है: 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। दुष्प्रभावों से डरें नहीं, यह सुरक्षा का संकेत है
डॉo राजाराम ने बताया कि दवा खाने के बाद यदि किसी को मामूली चक्कर या मितली महसूस होती है, तो यह शुभ संकेत है। इसका अर्थ है कि शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी मर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर ब्लॉक में रैपिड रेस्पोंस टीम (RRT) तैनात रहेगी।
विशाल नेटवर्क का सहयोग
डीपीएम स्वास्थ्य नीलेश कुमार ने जानकारी दी कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए 2117 टीमें और 212 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। इसमें 463 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 4,216 आंगनवाड़ी केंद्र और 3765 स्कूलों को जोड़ा गया है। साथ ही जीविका दीदी, मुखिया और स्वयं सहायता समूहों (SHG) का भी व्यापक सहयोग लिया जा रहा है।कार्यशाला में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉo एमई हक ने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति लगातार 5 साल तक साल में एक बार इन दवाओं का सेवन कर लेता है, तो उसे जीवन भर फाइलेरिया होने की संभावना समाप्त हो जाती है। डॉ राजाराम प्रसद ने बात करते हुए कह की इस में अभियान में मिडिया का महत्वपूर्ण भूमिका होगी मीडिया के माध्यम से लोगों को इसकी जानकारी देने से लोग दवा सेवन के विषय में सकारात्मक हो सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान पीरामल स्वास्थ्य से विजय कुमार व अन्य मौजूद रहे।
