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सतबहिनी झरना तीर्थ में आयोजित 26वें मानस महायज्ञ की निकली गई विराट कलश यात्रा।

 गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।



एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के तत्वावधान में आम जनों के द्वारा आयोजित 26 वें मानस महायज्ञ के लिए विराट कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान सतबहिनी भगवती माता महा दुर्गा, महालक्ष्मी, महाकाली के महामंदिर के अलिंद में मुख्य यजमान सतबहिनी के संत हरिदास जी महाराज, अमरेश चंद्र एवं उनकी धर्मपत्नी पूनम देवी, कृष्णा शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी सुशीला देवी तथा दो अन्य मुख्य यजमानों  के प्रधान कलशों की यज्ञाचार्य पंडित श्याम बिहारी वैद्य के द्वारा पूजन कराया गया। इसके बाद प्रधान कलशों के साथ-साथ सभी सामान्य कलश यात्रियों के कलशों का संकल्प कराया गया। इस दौरान यज्ञाचार्य के नेतृत्व में याज्ञिक ब्राह्मणों की टोली ने कलशों का संकल्प कराया। इसके बाद सैकड़ों दोपहिया सवार पायलट वाहन के रूप में आगे आगे चले। उसके पीछे सैकड़ो चार पहिया वाहन ट्रैक्टर आदि पर सवार कलश यात्री कोयल एवं बांकी नदी के संगम के लिए रवाना हुए। कलश यात्रा का नेतृत्व महायज्ञ के अध्यक्ष विद्या कुंड अयोध्या धाम के महामंडलेश्वर सिद्ध पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 श्री महंत प्रेम शंकर दास जी महाराज कर रहे थे। जबकि कलश यात्रियों की अगुवाई मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के अध्यक्ष सह विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने किया। इस मौके पर समिति के सचिव ज्योतिर्विद पंडित मुरलीधर मिश्र सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे। कलश यात्रियों ने सतबहिनी झरना तीर्थ से चलकर खुटहेरिया, गरदाहा, गोसांग, पखनाहा, कोदवड़िया, खरसोता होते श्री बजरंगबली मंदिर के सामने उत्तरी कोयल एवं बाईं बांकी नदी के संगम पर पहुंचे। वहां यज्ञाचार्य पंडित श्याम बिहारी वैद्य ने याज्ञिक ब्राह्मणों की टोली के साथ वरुण देवता गंगा माता आदि की पूजा करते हुए सबसे पहले पांच प्रधान कलशो में अभिमंत्रित जल भरवाया। इसके बाद तमाम कलश यात्रियों ने अपने-अपने कलशो में अभिमंत्रित जल भरा। फिर देव शक्तियों का जयकारा लगाते माता का गीत एवं भजन गाते धर्म ध्वजा लहराते सभी कलश यात्री वापस सतबहिनी झरना तीर्थ पहुंचे। उन्होंने यज्ञाध्यक्ष महामंडलेश्वर जी महाराज का अनुगमन करते हुए 33 कोटि देवताओं के आवास यज्ञ मंडप की भजन गाते हुए ताली बजाते हुए पांच बार परिक्रमा की। इसके बाद अपने-अपने कलशों को यज्ञ मंडप के निकट स्थापित किया।


जबकि प्रधान कलशों को यज्ञ मंडप में स्थापित किया गया। इसके बाद सतबहिनी झरना तीर्थ समिति के विशिष्ट स्थाई सदस्य गौरीशंकर मिश्रा के सौजन्य से बनवाए गए महाप्रसाद का सभी कलश यात्रियों के बीच वितरण किया गया। इसके बाद जयकारा लगाते हुए सभी तीर्थ यात्री अपने-अपने घर को वापस गए। अगली सुबह 3 फरवरी की ब्रह्म बेला में पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश एवं मंत्र शक्ति से अग्नि प्राकट्य के साथ यज्ञ आरंभ हो जाएगा। इसी के साथ श्रद्धालुओं के द्वारा यज्ञशाला की परिक्रमा प्रारंभ कर दी जाएगी। जबकि श्रीधाम वृंदावन से पधारे विनोद गौरव शास्त्री एवं टोली के द्वारा संगीतमय मानस का पारायण पाठ शुरू कर दिया जाएगा। जो लगातार 9 दिनों तक चलेगा। वहीं दोपहर से संध्या बेला तक भारत के विभिन्न विशिष्ट मंचों से पधारे प्रवक्ताओं के द्वारा प्रवचन प्रस्तुत किया जाएगा। इस वर्ष के प्रवक्ताओं में श्री महामंडलेश्वर जी महाराज, पूज्या आराधना देवी शास्त्री, पंडित शशिकांत जी काशी एवं आचार्य सौरभ कुमार भारद्वाज गुप्तकाशी का नाम शामिल है। मालूम हो कि बाहर के लोगों के लिए प्रतिदिन भंडारा की भी व्यवस्था की गई है। जबकि रोशनी एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी समिति के द्वारा की गई है। इस मौके पर लगने वाले 11 दिनों के विराट मेले में सजने वाली दुकानों को भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि किसी भी श्रद्धालु ग्राहक को अशुद्ध जल के कारण परेशानी नहीं हो। इसके साथ ही झरना के ऊपर से कूदना, स्नान की वीडियो ग्राफी या फोटो लेना, यज्ञ परिसर या मेला क्षेत्र में अश्लील चित्र देखना, दिखाना या चित्रांकन, मादक पदार्थों का उपयोग या बिक्री तथा जुआ खेलाने पर सख्त प्रतिबंध लागू है। ऐसा करते हुए पाए जाने वाले को दंडित किया जाएगा। पूरी यज्ञ अवधि तीन मैजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा मेला में प्रतिनियुक्ति की गई है। इसलिए किसी भी गलत आचरण करने वाले को दंडित किया जाएगा। इस मौके पर अध्यक्ष सह विधायक नरेश प्रसाद सिंह, सचिव पं. मुरलीधर मिश्र, संत हरिदास जी, नंदलाल दुबे, नवल किशोर तिवारी, सुदर्शन तिवारी, मोरबे पंचायत की मुखिया निर्मला देवी के प्रतिनिधि ललन सिंह, उप मुखिया व विधायक प्रतिनिधि आतिश कुमार सिंह, गोपी सिंह, रघुनंदन राम, देवी दयाल राम, सुखदेव साव, करंजू पाल सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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