गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हरिहरपुर स्थानीय हाई स्कूल के मैदान में मंगलवार को यूजीसी कानून के विरोध में प्रधानमंत्री व गृहमंत्री का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया। सवर्ण समाज के युवकों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए बिल एक सप्ताह के अंदर वापस लेने का अल्टीमेटम दिया है।युवकों ने स्थानीय सवर्ण नेताओं को हिदायत करते हुए कहा कि अगर स्थानीय सवर्ण नेता इस बिल का विरोध नहीं किये तो उनका भी जोरदार विरोध किया जायेगा।
प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को “काला कानून” करार देते हुए कहा कि यह न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करेगा, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को भी दांव पर लगाने वाला खतरनाक कदम है। युवकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस कानून के जरिए सरकार विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म कर रही है और शिक्षा को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेना चाहती है। युवकों ने कहा कि मुग़ल से लेकर अंग्रेजों से लड़ने में सवर्ण देश कि अखंडता को कायम रखा है।
पुतला दहन के दौरान मैदान “यूजीसी कानून वापस लो”, “शिक्षा पर तानाशाही नहीं चलेगी” और “देश की सुरक्षा से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारों से गूंज उठा। आक्रोशित युवकों ने चेतावनी दी कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार बिना व्यापक विमर्श के ऐसे कानून थोप रही है, जिससे छात्रों, शिक्षकों और देश के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यूजीसी कानून के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा। मौके पर राजकुमार सिंह, बबलू सिंह, नागेंद्र सिंह, रोहित सिंह, सतीश सिंह, संजीत सिंह, दयाशंकर सहित कई सवर्ण समाज के लोग थे।
