सासाराम :-माता-पिता की मृत्यु के बाद आश्रय विहीन हुए तीन नाबालिग बच्चे पिछले 10 महीनों से अर्धनिर्मित मकान में प्लास्टिक का टेंट लगाकर किसी तरह जीवन यापन कर रहे थे। बच्चों के पास न तो स्थायी आवास था और न ही कोई कमाने का सहारा। कई बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
शुक्रवार को सभी तीनों नाबालिग बच्चे जिला अधिकारी के समक्ष आयोजित जनता दरबार में पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। बच्चों द्वारा दिए गए आवेदन और उनकी दयनीय स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया।
जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए बच्चों को शीघ्र मुआवजा एवं राहत उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी है। साथ ही उनके स्थायी आवास,भरण-पोषण और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही गई है।
प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से बेसहारा बच्चों को राहत की उम्मीद जगी है और जनता दरबार एक बार फिर जरूरतमंदों के लिए सहारा बनकर सामने आया है।
