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26 वें मानस महायज्ञ के विराट आयोजन की तैयारी पूरी कर ली गई आखिर कहां आइए जानते हैं ख़बर माध्यम से।

  गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।




एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतबहिनी झरना तीर्थ में 26 वें मानस महायज्ञ के विराट आयोजन की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस दौरान महायज्ञ, परिक्रमा, प्रवचन, भंडारा, मेला आदि की तैयारी के साथ-साथ मंदिरों की श्रृंखला का रंग रोगन भी कर लिया गया है। मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के तत्वावधान में आम जनों के द्वारा 26 वें मानस महायज्ञ के आयोजन की पूरी तैयारी कर ली गई है। इधर नवीन एवं पक्की यज्ञशाला के रंग रोगन के साथ शास्त्रोक्त विधि से वेदी, हवन कुंड, धर्म ध्वज आदि की व्यवस्था बना ली गई है। जबकि 11 दिनों के महायज्ञ के दौरान 33 कोटि के देव शक्तियों के यज्ञ मंडप की श्रद्धालुओं के द्वारा परिक्रमा किए जाने के लिए महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग परिक्रमा पथ का निर्माण पूरा हो गया है।  यज्ञ की पूरी अवधि तक चलने वाले महा भंडारा के लिए इस बार निर्माणाधीन  होटल के कमरे में राम रसोई एवं उसी के सामने श्रद्धालुओं के भोजन ग्रहण करने के लिए पंडाल की व्यवस्था की गई है। जबकि महायज्ञ के अध्यक्ष विद्या कुंड अयोध्या के महामंडलेश्वर 1008 श्री महंत प्रेम शंकर दास जी महाराज की कुटिया का भी निर्माण पूरा हो गया है। वहीं श्री राम कथा एवं श्रीमद् भागवत कथा की प्रकांड वाचिका पूज्या आराधना देवी शास्त्री एवं पंडित शशिकांत जी काशी तथा संगत करनेवाली मंडली के रहने की व्यवस्था भी पूरी हो गई है। जबकि जनता टेंट हाउस दरिहट के प्रोपराइटर भानु जी के द्वारा प्रवचन पंडाल,  यज्ञाचार्य, मानस आचार्य, एवं संतों के रहने के लिए कुटिया का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इधर एक और अनिल पाल टेंट हाउस के द्वारा प्रवचन पंडाल एवं मंच का विस्तार किया गया है। सतबहिनी के मानस महायज्ञ में श्री धाम वृंदावन से पधारने वाले विनोद गौरव शास्त्री एवं उनकी टोली के द्वारा मानस का संगीतमय पारायण पाठ किया जाता है। उनके लिए भी मंडप का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जबकि सतबहिनी झरना तीर्थ में मंदिरों की श्रृंखला में सतबहिनी भगवती माता महादुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी, देवी सात बहनों के भैया भैरवनाथ, भगवान भास्कर, बजरंगबली, भगवान शिव, साक्षी गणेश एवं नंदी महाराज के मंदिरों का रंग रोगन भी पूरा कर लिया गया है। वहीं 7 मंजिली रहस्यमई साधना सह समाधि गुफा एवं प्राचीन यज्ञ मंडप का भी रंग रोगन पूर्ण हो गया है। इसके बाद 2 फरवरी को निकलने वाली सतबहिनी की विराट कलश यात्रा की तैयारी भी पूर्ण हो गई है। इस दौरान झरना घाटी में स्थित महामंदिर में मुख्य यजमानों के प्रधान कलशो का पूजन एवं हजारों कलश यात्रियों के साथ सबके कलशों के संकल्प के बाद कलश यात्रा प्रारंभ होगी। जो सतबहिनी से खुटहेरिया, गरदाहा, गोसांग, कोदवड़िया, खरसोता होते बजरंगबली मंदिर के पास कोयल एवं बायीं बांकी नदी के संगम पर पहुंचेगी। इस दौरान हजारों कलश यात्री धर्म ध्वजा, घंटा घड़ियाल एवं बजा गज के साथ देव शक्तियों का जयकारा लगाते, माता का भजन गाते संगम पर पहुंचेंगे। वहां यज्ञाचार्य पंडित श्याम बिहारी वैद्य के नेतृत्व में याज्ञिक पुरोहितों की टोली के द्वारा वरुण देव एवं गंगा माता के पूजन के बाद प्रधान कलशो के साथ-साथ सभी संकल्पित कलशों में अभिमंत्रित जल भरवाया जाएगा। जिसे लाकर पवित्र यज्ञ मंडप में स्थापित किया जाएगा। इस दौरान कलश यात्री करीब 30 किलोमीटर की यात्रा सैकड़ो वाहनों के द्वारा करेंगे। महाप्रसाद वितरण के बाद सभी कलश यात्री अपने-अपने घर के लिए प्रस्थान कर जाएंगे। कलश यात्रा का नेतृत्व महायज्ञ के अध्यक्ष श्री महामंडलेश्वर जी महाराज एवं मां सतबहिनी झरना तीर्थ तथा पर्यटन स्थल विकास समिति के अध्यक्ष सह विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह व सचिव पंडित मुरलीधर मिश्र करेंगे। जबकि साथ में समिति के सभी पदाधिकारी, सदस्य एवं हजारों की संख्या में सतबहिनी के श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।

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